शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

द अन्ना रिटर्न ....



25 लाख का सीतारम जिंदल एवार्ड प्राप्त करने के बाद किशन बाबू राव हजारे उर्फ अन्ना ने घोषणा की है कि वे पूरे देश में लोकसभा चुनाव 2014 को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति बनाकर फिर से देश व्यापी जन आंदोलन करेंगे और इस बार मुद्दा होगा “राईट टू रिजेक्ट” ! लेकिन क्या उन्हे इस बात का खयाल है कि अपने पहले किये गये जनलोकपाल का आंदोलन सफल हो गया ?? क्या एक अच्छा लोकपाल कानून बन गया ??

लेकिन कार्पोरेट टीम अन्ना का इससे क्या मतलब है ! उन्हे तो अपनी दुकानदारी चलानी है ! अब शायद जन लोकपाल वाले धंधे में फायदा नहीं रह गया ! इसलिए ताजा एक वर्ष का एसाईनमेंट लेकर नया धंधा चालू करने की सोच रहे है और ये चलेगा मार्च – अप्रेल 2014 तक ठीक आम चुनावों के एक दो माह पूर्व तक ! अबकी बार शायद उन्हे ठण्डी नहीं लगेगी ! मार्च अप्रेल की गर्मी में अबकी उन्हे लू लग जायेगी और डाईरिया हो जायेगा फिर किसी पद्मविभूषण डॉक्टर की चिकित्सकीय सलाह पर तीन महिने आराम करने की सलाह !

जनता को ऐड़ा समझकर पेड़ा खाने वाले कार्पोरेट अनशनकारियों .. ध्यान रहे जन समर्थन का रिशेसन कहीं राईट टू रिजेक्ट बिल की जगह राईट टू रिजेक्ट अन्ना पारित ना कर दे और टीम अन्ना प्राईवेट लिमिटेड को मुँह छिपाने को बिल तलाश करना पड़े ! तब क्या देश से माल्या की तरह बेल आऊट पैकेज की माँग करोगे ?????

बात अन्ना विरोधी होने की नहीं  .. मैंने आज अन्ना का बयान सुना .. उन्होने कहा 2014 चुनावों को ध्यान में रखते हुए नये सिरे से रणनीति बना एक नया आंदोलन "राईट टू रिजेक्ट" की घोषणा की ??  प्रश्न ये उठता है क्या लोकपाल कानून आ गया और क्यूँ हर बार एक नये चुनाव को ध्यान रखते हुए कार्पोरेट टीम अन्ना एक नई रणनीति बनाती है .... जरा सोचें और अपनी अकल लगायें ... वरना मैं भी अन्ना तू भी अन्ना करने से देश में कोई परिवर्तन आने वाला नहीं ....  आप भारत माता की जय चिल्लाते रहें और आपके कंधे पर चढ़कर कार्पोरेट टीम अन्ना यूँ ही सीताराम जिंदलबाद करती रहेगी !
बंदा.... मात्र ..... रम ........ सीताराम जिंदलबाद ..

9 टिप्‍पणियां:

  1. सच को बेबाकी से बयाँ करती बेहतरीन तल्ख पोस्ट......

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  2. उत्तर
    1. हा हा हा क्या उसे भी ठण्ड लग गई है :):):)

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  3. लेकिन कार्पोरेट टीम अन्ना का इससे क्या मतलब है ! उन्हे तो अपनी दुकानदारी चलानी है ! अब शायद जन लोकपाल वाले धंधे में फायदा नहीं रह गया !..
    सत्य को बेहद सलीके से बयान किया ...साधुवाद

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  4. ha ha ..... Gandhi vadiyo me barosa ???? matalab des ki wat lagana he ..... chalo garmi bhi aa gayei ...Ganna ka mazza lo ....

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  5. लोकपाल का मुद्दा और अब चुनाव सुधार..... टीम अन्‍ना को किसी भी मुद्दे को यूं पकडना और छोडना, छोडना होगा।
    चुनाव सुधार के लिए चुनाव आयोग लगी हुई है और यह हो भी रहा है धीरे धीरे।

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