मंगलवार, 20 अगस्त 2013

टंच माल

चेला भोला शंकर सुबह सुबह अपना कुकुर घुमाते हुए हमारे घर पहुँचा और दरवाजे पर जोर से चिल्लाया – जग गये का महाराज ?

हमारी अधूरी नींद टूटी, इसलिए गुस्से में मुँह से आदतन निकल गया – कौन है बे कुत्ते ?
बाहर से आवाज आई – हम हूँ, आपका परधान चेला , भोलाआआआआ , पहिचानबे नहीं किये का ?
हमने कहा – अरे भोला तू , आ अन्दर आ जा । 
भोला उदास होकर शिकायती लहजे में बोला – का महाराज, आपने हमें कुत्ता बोल दिया । 
हमने कहा – अरे नहीं भोला, उ त हम तुमको को सपना में भी नहीं बोल सकता, हम त झरोखा से झाँक कर देखा त तुम्हारा केवल ई कुकुर ही दिखा इसलिए उससे ही पूछ बैठा । चल छोड़, बता आज सुबह सुबह इधर कैसे ? 
उसका चेहरा हमारे स्पष्टीकरण से ठीक वैसे ही खिल उठा जैसे नेता जी का चुनाव जीतने के बाद । बोला – महाराज, आज का कुछ नया ताजा माल है क्या ?
हमने कहा - कौन सा, सौ टका टंच वाला  ???? 
वो बोला - अब आपका माल त टंचे रहता है, लेकिन सुबह का टाईम है, अगर कुछ धार्मिक टाईप का हो त मजा आ जायेगा, बाबा हेनरी का डे है , पूरा दिन ठीक रहेगा ।

हमने कहा – अबे ई बाबा हेनरी कौन है बे ?

भोला ने कहा – महाराज आज मंगलवार है और ई वानर राज हनुमान का दिन है कि नई ?
हमने कहा – हाँ त ?
वो बोला – हमने उनका स्वीट नेम रखा है, हनुमान का “हे” और वानर का “नरी” कुल मिलाकर हेनरी
हमने कहा - अच्छा , साले अब तुम भगवान लोगों को भी उँगली करने में बाज नई आ रहे हो बे ।
वो बोला- महाराज हमारे भगवान इत्ते कमजोर नई हैं के हमारे उँगली करने से उनका कुछ बिगड़ जायेगा ।
हमने कहा – ई बात त है भोला ।
वो बोला – त फेर महाराज , बताओ कुछ शास्त्र पुराण का बात वरना हम समझ लेंगे आप भी ठग बाभन हो ।
हमने कहा - अबे सुन भोला , हम उ कथाबाँचने वाला ठग बाभन नई हैं, ओरिजनल हैं , तू क्या समझा है हमको ? हमने भी गूगल बाबा से पूरा वेद पुराण का जानकारी इकठ्ठा किया है लेकिन उसका उपयोग केवल अपनी शुद्धि के लिए करते है, माल बटोरने के लिए नहीं, समझा ।
उसने पहली बार मेरा लगभग उपहास उड़ाते हुए कहा - ले त फेर कुछ पुराण के बारे में बताओ , स्वर्ग नरक कौन जाता है ।
हम बोले – अबे साले बबलू के अजन्में बौद्धिक औलाद , तू हमरा उँगली करता है । त सुन , हनुमानजी से याद आया ...
गरूड़ पुराण में लिखा है। माईण्ड ईट, हमने नहीं लिखा गरूड़ पुराण में लिखा है -

“ एकांत स्थान में मिली हुई परस्त्री को देखकर भी जिनके मन में कामवासना का आगमन नहीं होता और वे पुरुष जो उस स्त्री को अपनी माता बहन व पुत्री के रूप में देखते हैं, ऐसे लोग स्वर्ग में जाते हैं।“  

वो बोला -जाना ही चाहिए महाराज, ऐसा आदमी जो जिन्दगी भर इहाँ एतना कंट्रोल कर खुदे अपना जीवन नरकमय बना रखा है, उ का त मरने के बाद स्वरग का फैसीलिटी मिलना ही चाहिए ।
पर ई बताओ महाराज, उँहा जाने के बाद स्वरग में ई सब ताँक-झाँक एलाऊड है का

हम बोले - अबे हमका का मालूम , हम कोनो स्वरग से लौटकर आया हूँ का ?
अऊर सुन , अईसे भी गरूड़ पुराण के इ नियम के अनुसार हमको स्वरग का एलाटमेंट त बिल्कुल भी नई होने वाला ।

वो बोला – हमको भी नई होगा महाराज ...हम भी कुकुर हगाने के बहाने एही कारण से सुबह सुबह सैर सपाटा करते हैं।

हम कहा– ले ना बे, नरक में भी जायेंगे त कौन सा क्लाईमेट चेंज हो जायेगा ? इहाँ पर मन्नू मामा ने केतना बढ़िया सेम टू सेम माहौल बना के रखा है ।

वो बोला – महाराज ई त पूरा प्रवचन का पंच लाईन है, एकदम फ्रेश टंच माल है ।

 – जय जोहार 

5 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

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  3. बताओ कुछ शास्त्र पुराण का बात वरना हम समझ लेंगे आप भी ठग बाभन हो । ... haaahahahhahhaaaaa

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  4. जाना ही चाहिए महाराज, ऐसा आदमी जो जिन्दगी भर इहाँ एतना कंट्रोल कर खुदे अपना जीवन नरकमय बना रखा है, उ का त मरने के बाद स्वरग का फैसीलिटी मिलना ही चाहिए ।
    पर ई बताओ महाराज, उँहा जाने के बाद स्वरग में ई सब ताँक-झाँक एलाऊड है का ?
    :V :v :v :v..... toofaaann guru toofaannnn

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  5. कमाल
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