मंगलवार, 11 अक्तूबर 2011

छत्तीसगढ़ी सँगवारियों के लिए --तीजा स्पेशल

    घटना -1
अभी अभी शाम के फूल चौक में एक भौजी ला देख्यों ! एकदम एकता कपूर के सीरीयल के बहू ऐसन सिंन्गार करके चाटठेला में चाटवाला के गुपचुप सिराये बर भकाभक अपन योगदान देत रहीस ! मैं ओला हिम्मत करके बोलों भौजी आज तो तीजा हवे अऊर तैं एकदम सिक्सलेन नेशनल हाईवे जैसन माँग भरके , मायावती के जनमदिन के नोट के माला ऐसन मोट मोट सोना के मंगल डोरी पहेन के गुपचुप खातस उपास नई हस का !वो बडे मासूम स्टाईल में बोली ऐसन बात नई है भाई मोर सुहाग के पोस्ट हा एकदम स्थाई हवे बस ओकर अधिकारी के टाईम टाईम में ट्रांसफर होत रहिथे ! ये बरस मोर आदमी हा तीज के उपास रखे है काबर ओला चिंता है कि ऐ सीजन में कौनो दूसरा ट्रांसफर में आकर एक तरफा ज्वाईन नही कर दे !


घटना 2
मोर मितान समारू ह अपन बाई ला पूछिस ऐ रामप्यारी अबके बार तैं तीज के उपास नही रखे का ! ओकर बाई ह एकदम सेन्टीमेन्टल होके कहीस नई अब के बार मन नही लागथ हे !

समारू ह पूछिस काबर तो राम प्यारी के जबाब तुमन सब्बो संगवारी मन सुनो -

हमर गाँव के दू बाई मंगली अऊर सुन्दरी दोनो बचपन के मितान हवे ! गये साल मंगली तीजा के बरत रखे लेकिन सुंदरी नई रखे तो मंगली के आदमी के दू महिना के अंदर म रामनाम सत्य हो गईस ! ये हमर तीन घर बाद जो रमशीला के आदमी ह अब बहुत परेशान करथे ओकर खातिर इ डाहर मैं घला तीजा उपास नहीं रखों !

मगर मोर मितान सोमारू ह कोनो नानकुन आदम नई है वो बड़ आराम से एक देशी बोतल अपन शरीर के स्टोररूम में पहुँचा के मोर से बोलिस महाराज मोला कोई टेंशन नहीं हवे काबर वो शांताराम के बाई ह दू दिन के निर्जला उपास रखे है !! जय हो !!

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही खुबसूरत प्रस्तुति ||
    बधाई बंधुवर ||

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  2. वाह क्‍या बात है...
    बेहतरीन अंदाज...

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