शनिवार, 25 अगस्त 2012

सोमारू-मंगलू के जीरो लॉस के थ्योरी


सोमारू – अबे मंगलू , तैं त ईकोनोमिक्स पढ़े हस का बे ? 

मंगलू -  अबे मोला का तैं गँवार समझे हस । अबे ऐमे कियों हो बे, ओ भी बिना चीट मार के । मौनी बाबा जैसन कौनो फर्जी डॉक्टर नई हों । 

सोमारू – चल बे तो मोला बता ई जीरो लास थियोरी का होते ? 

मंगलू -  अबे सिम्पल थियोरी है बे । मगर देख ऐला प्योर छत्तीसगढ़ी म समझा नई पाऊँ । बीच बीच में इंग्लिस घला बोलहूँ ।  

सोमारू-  काबर बे ? 

मंगलू – का हे के ई तोर ले थोड़ कनी हाई लेबल थ्योरी हे । प्योर छत्तीसगढ़ी म फिलिंग नई आय अऊर बाकी पेपर म मोर स्टेटमेंट छपही तो देश के बाकी लोगन के घलो समझ नई आय । ओकरे सेती छिंग्लिश भाषा में समझाहूँ , चलही ?  

सोमारू- ले बे झन उछला, प्योर इंग्लिश में बताहू तब भी मैं समझ जाहूँ । आई केन टॉक इंग्लिश, आई केन वॉक इंग्लिस एंड मोस्ट इम्पोर्टेंट थिंग, यू कान्ट बिलिभ ऑन द थर्टीफर्स्ट मार्च आई ड्रिंक ओन्ली इंग्लिस ऑन हार्ड रॉक्स । 

मंगलू – त ले मैं तोला इही इंग्लिस ड्रिंक के बेस बना के समझा थों । तैं बीच बीच में अपन सहमति देबे । जब मैं पूछहूँ “ठीक” अऊ तोर समझ में आ जाही तो तैं अपन मूँड़ी हिलाके बोलबे “ठीक” ।

ठीक

सोमारू  - ठीक    

मंगलू - मान ले मैं दारू दुकान से सौ रूपिया के तीन ठन क्वाटर खरीदेओं । “ठीक”

सोमारू- का ठीक बे ..  सौ रूपिया में कहाँ ले तीईईईईईईन ठन क्वाटर आ जाही
?

मंगलू -  अबे मैं ह भाटियाजी के डेली के कष्ट–मर हो । मोला ड्रिंकिंग सिटिजन ऑफ सीजी के कोटा म कंस-एक्शन मिलथे ।


सोमारू- अऊर साले तैं कोलिया सौ रूपिया लाये कहाँ से बे ? 

मंगलू –  अबे हजार रूपिया मोला मनरेगा से मिले रहिस बे । का हे मोर नाम से मनरेगा मुंशी ह फर्जी बिल बना के 100 दिन के दस हजार रूपिया निकारी से । मोला जब पता चलिस, मैं एकदम फनफना गेवों । आँखी तरेर के ओकर कालर पकड़ के धमकायों, मोर बीस परसेंट कमीशन दे बे साले चोट्टा । फेर मानमनव्वल में सऊदा दस परसेंट में जम गे । मैं ओला बोलेओं, जा साले तैं भी का याद रखबे, कऊनो रईस से पाला पड़े रहिस ।

फेर मोर कमाई के घलो दस परसेंट फिक्स हे दारू दुकान में । ओकरे खातिर सौ रूपिया के तीन क्वाटर खरीदेओं ।  

 “ठीक”     

सोमारू – अबे उ सब त ठीक हे पर तोला ड्रिंकिंग सिटिजन ऑफ सीजी म उपाधि का मिले हे ?

मंगलू  -  मोला काँच के एक डिजानर गिलास अऊ “पी चित्तभर रम” के उपाधिपत्तर  

सोमारू -  ले आगे बता सौ रूपिया में तीन ठन क्वाटर खरीदे ..  फेर ?

मंगलू -  हाँ तो तीन ठन क्वाटर काऊंटर से उठा के पईसा पेमेंट करत रहूँ कि ओतकी बेरा  मोर मितान ह भेंटा गे । ऊ हा मोला बोलिस अबे मंगलू सुने हों आज तोला सरकार डहार ले हजार रूपिया भेंट मिले हे, पार्टी नई देबे गा ?

मैं ह मोर मितान के कोनो बात नई टारूँ गा , काबर ओकर बाई ह मोर कऊनो बात नई टारथे । पूरा गिव एण्ड टेक वाला सर्कुलर एग्रीमेन्ट हे । लेकिन साले एक ठन कश्मीर ले बड़े समस्या पईदा होगे ।

सोमारू – अबे तो ऐमा का समस्या हे , दूनो झन ला तीन क्वाटर नई पूरा जाथे का बे ?

मंगलू - अबे ऊ बात नई हे , मितान के इंग्लिस सूट नई करे । ऊ ह खाली चिल्ड बीयर पीथे । ऐकरे बर ओकर बाई घलो बहुत गरियाथे । साले रोगहा भड़वा, अपन मितान ला देख के कुछ हॉट रहे के गुर ला सीख, हमेशा चिल्ड बीयर पी के चिल्ल्ल्ल्लल्ड पड़े रेथे ।

सोमारू – ओला छोड़ बे कोनो अऊर दिन बताबे । ई समझा फेर आगे का होईस ?

मंगलू – हाँ त मैं दुकानदार के बोलेओं , सुन बे भाचा ई तीनों क्वाटर के बदले चार ठन बीयर दे दे, ऊ बी एकदम चिल्ड । भाचा ह बोलिस हव मामा ।

सोमारू – अबे सेल्समेन तोर भाँचा है ? 

मंगलू – नई बे हम दूनो एक दूसर के शार्ट फारम में नाम लेथों । भा.चा. माने भाटिया के चाकर अऊर मा.मा. माने मालिक के मतवार

सोमारू – चल छोड़ फेर का हुईस ? 

मंगलू – भाचा ह चार ठान चील्ड बीयर मोला दिस । दू ठन बीयर मितान के धरा के मैं बोलेओं थैंक्यू भाचा , चल गा मितान । “ ठीक “

सोमारू – ठीक   

मंगलू – पर भाचा ह मोला टोक दिस । मामा तोला कंस-एक्शन हे , फ्री में लंगर नई हे चल सौ रूपिया निकार ।

मोर दिमाग ह एकदम फनफना गे ।

मैं बोलेओं - काहे के पईसा बे भाचा ।

ओ बोलिस – चार ठन बीयर के ।

मै बोलेओं – साले बीयर तो क्वाटर के बदले लेहों ।

ओ बोलिस – तो क्वाटर के पईसा ?

मै बोलेओं – साले उ त मैं तोला वापस कर देहों बे ।

ओ बोलिस – नई ऐसन नई होही ।

मै ओला समझाओं   देख भाचा , तोला ऐसन लागत होही कि मैं ह चार ठन बीयर के गबन करत हूँ । मगर ऐसन नई हे । तैं पढ़े लिखे नई ह बे ओकरे सेती तोला समझाथों । पहिले तैं मोला तीन क्वाटर दिये । “ठीक”

ओ बोलिस – ठीक

मै बोलेओं – फेर मैं ह उ क्वाटर के चार ठन बीयर म पलटायों । “ठीक”

ओ बोलिस – ठीक

मै बोलेओं – अब क्वाटर के पईसा त मोला दे बर नई पड़ही काबर ओला त मैं तोला फेरा दे हँ । “ठीक”

ओ बोलिस – ठीक

मै बोलेओं – बीयर त मैं क्वाटर के पलटा में ले हों तो ओकर पईसा भी नई लागे । “ठीक”

ओ बोलिस – ठीक त हे पर मोला सौ रूपिया के नुकसान नई हो गे हे मामा ।

मै बोलेओं – अबे तोला लॉस तो होही पर ऊ लॉस के  जिम्मेदारी मोर नई हे । मैं अपन डहार ले पूरा ईमानदार हों
, मन्नू मामा जैसन । और तोला जेन लॉस होईसे ओला इकोनोमिक्स में “जीरो लास के थ्योरी” बोलथें । समझे और नई समझ में आथे तो भाटियाजी ला समझा देबे । उ समझ जाही “ठीक”  

ओ बोलिस – ठीक

मै बोलेओं – चल अब ए बीयर गरम हो गे हे पलट के चिल्ड बीयर दे ।

ओ बोलिस – दे तो देहूँ मामा मगर फेर मोला जीरो लास त नई होही ना ।

मैं बोलेओं – तैं झन घबरा भाचा । ये जीरो लॉस के थ्योरी ह बेरा बेरा नई होथे। इट्स हैपण्ड रेयर ।

कईसे बे सोमारू – कईसे है बे इ एक्जाम्पल फॉर द जीरो लॉस के थ्योरी
?

4 टिप्‍पणियां:

  1. सोमारू,मंगलू के बात हा मोरो खोपड़ी में जल्दी आते गुरु ,,बने समजाये हस भाचा ला,,अउ तोर अन्ग्रेज्जी के तो जवाब नहीं,,ओनली एन वन पिस टोकिंग ,,
    अंग्रेजी के चेपटी पता नई का जादू हे ,साले ह अन्दर घुसिस नई के अंग्रेजी चालु हो जाथे,हो भाई ,
    गुरु, मोला घलोक "ड्रिकिंग सिटिजन" के मेंबर बना दे ...गुरु

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  2. जीरो लास ता समझ में आगे..एक्सपेरिमेंट करे बार लागही..ही ही ही..

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